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New Delhi: जनता के साथ संबंध ही बनाता है प्रभावशाली नेता: नितिन नवीन

Admindelhi1
20 Jan 2026 1:55 PM IST
New Delhi: जनता के साथ संबंध ही बनाता है प्रभावशाली नेता: नितिन नवीन
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भावनाओं से जुड़ाव ही बड़े होने की राह: नितिन नवीन

नई दिल्ली: भाजपा के नवनिर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने अपने पहले संबोधन में पार्टी कार्यकर्ताओं और देशवासियों के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ काम करते हुए उन्होंने सीखा कि एक व्यक्ति तभी महान बनता है, जब वह जनता की भावनाओं से जुड़ सके और उनकी जरूरतों को समझे। नितिन नवीन ने याद किया कि जब वे राष्ट्रीय महासचिव थे और गुजरात के आनंद में मोदी जी के साथ एक कार्यक्रम में गए थे, तब उन्होंने देखा कि प्रधानमंत्री हर व्यक्ति की बात ध्यानपूर्वक सुनते हैं और उनकी भावनाओं को समझते हैं। उन्होंने कहा, “कार्यक्रम खत्म होने के बाद, जब हमने ग्रीन रूम में उनसे बात की, तब उन्होंने बड़ी भावुकता से समझाया कि गुजरात से इतने लोग क्यों आए थे। उसी दिन मुझे समझ आया कि एक व्यक्ति तभी महान बनता है, जब वह जनता की भावनाओं से जुड़ता है।”

नितिन नवीन ने अपने संबोधन में भाजपा में राजनीति को पद नहीं, बल्कि जिम्मेदारी बताया। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता आधारित राजनीति ही भाजपा की सबसे बड़ी ताकत है और यही पार्टी को विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक संस्था बनाती है। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि पार्टी का विस्तार और मजबूती कार्यकर्ताओं की निष्ठा, प्रेरणादायी नेतृत्व और विचारधारा के कारण संभव हुआ है।

उन्होंने भारत माता की जय के उद्घोष के साथ अपने संबोधन की शुरुआत की और पार्टी के सभी पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्षों का अभिनंदन किया। नवीन ने यह भी कहा कि भाजपा की सोच सर्वव्यापी और सर्वग्राही है, और कार्यकर्ताओं का सर्वोच्च कर्तव्य है जनता की सेवा करना। उन्होंने जोर देकर कहा कि “भाजपा अगर आज देश की सबसे बड़ी पार्टी बनी है, तो यह उसके प्रेरणादायी नेतृत्व, स्पष्ट विचारधारा और मेहनती कार्यकर्ताओं के कारण है।”

इस अवसर पर नितिन नवीन ने पार्टी कार्यकर्ताओं को संदेश दिया कि राष्ट्र प्रथम की भावना से काम करना और लोगों की भावनाओं से जुड़ना ही सच्चे नेतृत्व की पहचान है। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य पार्टी के आदर्शों और सोच को आगे बढ़ाना है और कार्यकर्ता की सेवा ही सर्वोच्च कर्तव्य बनती है। उनका संबोधन प्रेरक और भावनाओं से ओत-प्रोत रहा, जिसने पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच उत्साह और जोश बढ़ा दिया।

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